Anti Defection Law UPSC in Hindi: Complete Guide and Study Material

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एंटी डिफेक्शन लॉ UPSC: सबसे पॉपुलर 10 कानूनी सवाल और उनके जवाब

सवाल उत्तर
एंटी डिफेक्शन लॉ क्या है? यह एक कानून है सांसदों और विधायकों पार्टी छोड़ने रोकता है। यह भारतीय संविधान 10वीं अनुसूची में शामिल है।
एंटी डिफेक्शन लॉ क्यों बनाया गया? यह कानून राजनीतिक स्थिरता संसदीय नैतिकता बढ़ावा देने के लिए बनाया गया था।
इस लॉ धारा 10वीं अनुसूची से कौन-कौन सी संसदीय प्राथमिकताएं हटा देती है?

 

विरोधी दल विधेयक (टूखन) UPSC में हिंदी में

विरोधी दल विधेयक (टूखन) एक महत्वपूर्ण क़ानून है राजनीति विशेष महत्व रखता है। यह क़ानून भारतीय संविधान तहत विधायिका विधि अनुसार बनाया गया है और इसका मुख्य उद्देश्य राजनीतिक दलों स्थायीता, सांघिकरण नेतृत्व बढ़ती हवा बचाना है।

विरोधी दल विधेयक क्या है?

विरोधी दल विधेयक (टूखन) मूल उद्देश्य राजनीतिक दलों अनिवार्य रूप से पार्टी साथ रहना बताता है। अगर कोई सदस्य किसी दूसरी पार्टी जाता है या उसके विपक्ष कुछ करता है, तो वह विरोधी दल विधेयक तहत अवमानना उसकी सदस्यता समाप्त कर दी जाती है।

विरोधी दल विधेयक फायदे

विरोधी दल विधेयक महत्वपूर्ण फायदे हैं जैसे यह राजनीतिक दलों सहयोग, सांघिकरण स्थायिता प्रदान करता है। यह दलों विचारशीलता नेतृत्व बढ़ती हवा बचाता है और समाज स्थिरता प्रगति की दिशा ले जाता है।

विरोधी दल विधेयक अनुमति लागू छूट

विरोधी दल विधेयक लागू करने कुछ मामूली छूट होती है जैसे कोई सदस्य अपने दल नीति खिलाफ खरा प्रतिपक्ष करता है या फिर किसी समूह रूप काम कर रहा है तो उसे छूट दी जा सकती है।

मुख्य देशों विरोधी दल विधेयक रिपोर्टिंग

देश विरोधी दल विधेयक रिपोर्टिंग स्थिति
भारत अनिवार्य
अमेरिका अनिवार्य
यूरोप अनिवार्य

महत्वपूर्ण केस स्टडी

भारतीय राजनीति विरोधी दल विधेयक उदाहरण है बीजेपी सदस्य थी बीजेपी अलग होकर छत्तीसगढ़ चुनाव लड़ी थी। इसके परिणामस्वरूप उनकी सदस्यता समाप्त कर दी गई थी वो विधायक पद से भी हटा दिए गए।

इस विरोधी दल विधेयक (टूखन) महत्वपूर्ण क़ानून है राजनीति स्थायिता, सांघिकरण नेतृत्व बढ़ती हवा बचाता है। इसके लागू होने राजनीतिक दलों विचारशीलता सहयोग दिशा ले जाता है और समाज विकास स्थिरता प्रगति दिशा ले जाता है।

 

साक्ष्य अपराध कानून UPSC

संविदा (जो यहाँ „अनुरोधकर्ता” कहलाएगा) करार साक्ष्य अपराध कानून UPSC ध्यान संविदा पर अंगीकृति सेवानिवृत्ति दल परिपक्वता सुरक्षा निष्पक्ष निष्पक्ष निष्पक्ष साक्ष्य अपराधों विचार। अंतर्निर्णायी स्वरूप भरपूर अहसास सहमति सोची-समझी समझौता स्वरूप माना संविदा संविदा साक्ष्य अपराध कानून UPSC कारगर ठहराने दोनों प्रतीत। प्रत्येक पक्ष अपनी योग्यता, अधिकारों, भरपूर संपत्ति साझा साइन।

क्र.सं. शर्तें
1. साक्ष्य अपराध कानून UPSC किसी संगठनात्मक गतिविधि नीति अनुसार लागू होगा।
2. साक्ष्य अपराध कानून UPSC मान्यताओं सम्मान करना होगा।
3. साक्ष्य अपराध कानून UPSC उल्लंघन संभावना संबंधित कार्रवाई किए जाने संबंधित पूर्ण जिम्मेदारीपूर्णता प्रक्रिया हस्तांतरण।
4. संविदा समापन संबंधित गतिविधियों नकारात्मक प्रभावित नहीं करेगा।

साक्ष्य अपराध कानून UPSC अधीन संविदा संदर्भ पूरा पालन करना होगा। संविदा संविदा माना जाएगा, दोनों पक्षों स्वीकार नहीं।